संदेश

भगवान की मूर्ति को देखकर मन में अचानक से बुरे या सेक्सुअल विचार आना या भगवान को गाली देना | भगवान से डर लगना | Religious OCD

चित्र
क्या आपको भगवान कि मूर्ति को देखकर उसके प्रति बुरे विचार अतें हैं? क्या आपको प्राथना करते समय या धार्मिक किताबो को पड़ते समय अचानक से बुरे विचार, सेक्सुअल विचार या मन से गाली निकल जाती है? आपके ना चाहते हुए भी। तो ये एक बीमारी का लक्षण है, जिसका नाम है OCD- Religious OCD रिलीजियस OCD क्या है? दोस्तों यूं तो OCD  के कई रूप होते है, इनके कई रूपो में से ocd का ये भी एक रूप यानी टाइप ऑफ ocd है। दोस्तों इसमें व्यक्ति को भगवान की मूर्ति से डर लगने लगता है, पीड़ित व्यक्ति भगवान की मूर्तियो से बचता फिरता है उसे ये डर बना रहता है कि कहीं में भगवान की मूर्ति को नुकसान ना पहुंचा दूं, तोड़ ना दूं, यहां तक कि कुछ लोगों को ऐसा लगता है कि कहीं में मूर्ति पर पिसाब यानी टॉयलेट ना कर दू। ऐसे ऐसे कई अजीबोगरीब विचार पीड़ित व्यक्ति को अक्सर सताते रहते हैं। कई बार जब ये प्राथना करतें हैं तो बीच बीच में अचानक से इनके मन में भगवान को लेके गलत विचार आ जाएं हैं, जब भी ये कोई धार्मिक पुस्तक पढ़ते हैं तो इनके मन में अचानक से कोई गलत विचार या गाली निकाल जाती है, और ये सब इनके ना चाहते हुए ...

किसी काम को बार-बार करने की बीमारी | किसी चीज को बार-बार छूना | Disease of Repeat Work

चित्र
सावधान! कहीं आप किसी काम को बार-बार रीपीट तो नहीं करतें हैं - दोस्तों अगर आप किसी काम को बार-बार करतें हैं ,  किसी बात को ना चतेहुए भी बार-बार कहते हैं या सोचते हैं, तो ये एक बीमारी हैं। दोस्तों इस बीमारी का नाम है ocd ( ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर ) दोस्तों इस बीमारी के काफी सारे लक्षण होते हैं, लेकिन आज हम बात करेंगे रीपीट एक्शन के बारे में। यानी किसी काम को बार-बार रीपीट करना, ये जानते हुए भी कि इसको रीपीट करने का कोई मतलब नहीं है। दोस्तों इसमें अगर आप किसी समान को एक बार रख देते हैं, तो आप बार-बार उस समान को छूते हैं, ये जानते हुए भी कि वो समान सही से रखा जा चुका है। दोस्तों इससे पीड़ित व्यक्ति ना चाहते हुए भी हर एक काम को बार-बार दोहराता है। दोस्तों ocd क्या है, तथा इसके और भी लक्षण जानने के लिए नीचे क्लिक करें। OCD विकार किसे कहते हैं तथा इसके सारे लक्षण इस बीमारी के लक्षण - OCD इसमें आप कई प्रकार के कामों को रीपीट यानी दोहराते हैं, जैसे-  सीढ़ियों से बार-बार उतरना चड़ना किसी समान को रखकर उसे ...

OCD क्या है ? ओसीडी के लक्षण | ओसीडी से निकालने का तरीका | ओसीडी हमेशा के लिए ठीक हो सकता है।

चित्र
OCD (मनोग्रासित बाध्यता विकार)- Obsessive Compulsive Disorder in hindi OCD OCD विकार क्या है - मानोग्रसित बाध्यता विकार (Obsessive Compulsive disorder / ओसीडी ) विकार एक ऐसी मानसिक समस्या है, जिसमें व्यक्ति को अनुचित विचार अनेलगतें हैं, डर की आशंकाएं बड़ने लगती है। तथा व्यक्ति एक ही विचार को बार-बार सोचने पर विवश हो जाता है। इस बीमारी में इंसान एक ही काम को बार-बार करता है या एक ही शब्द को बार-बार दोहराता है, और ये वह तब तक करता ही रहता है, जब तक उसका मन ना भर जाए। दोस्तो इससे पीड़ित व्यक्ति किसी को इस समस्या के बारे में कुछ बता नहीं पाता है, और वह अंदर ही अंदर घुटता रहता है। यदि कोई इन्हे किसी काम को जो ये बार-बार बोल रहें हैं या जो ये बार-बार कर रहें हैं, यदि कोई देख ले या टोक दें तो इन्हें अत्यंत ही शर्मिंदगी का सामना भी करना पड़ता है। दोस्तों ये एक वहम कि बीमारी है, इसमें व्यक्ति को कई प्रकार के वहम होते रहते है, तथा उन्ही वहम को एक समस्या समझकर इसे दूर करने के लिए ये कई प्रकार के अंधविश्वासों या कर्म कांड का सहारा लेंता है। इसमें व्यक्ति को अनचाहे ...

सदगुरु जग्गी वासुदेव की जीवनी । सदगुरु जी की सच्चाई आप जानकर हैरान हो जाएंगे | About

चित्र
सदगुरु जी की सच्चाई, आप हैरान हो जाएंगे- About Sadguru सदगुरु दोस्तो हमारा भारत एक ऐसा देश है, जहां पर अनेकों-अनेक ऋषि मुनि, संत और महापुरुष आए। समय-समय पर कई महान लोगों का जन्म हमारे भारत में हुआ। तभी तो भारत को श्रेष्ठ पुरषों का स्थान कहा गया है। भारत को जगत गुरु भी बोला गया है , क्योंकि ज्ञान प्राप्त करने के लिए लोग अलग-अलग जगहों से भारत में ही आते थें। सदगुरु जग्गी वासुदेव की जीवनी- जग्गी वासुदेव यानी सदगुरु का जन्म 5 सितंबर 1957 में कर्नाटक राज्य के मैसूर सहर भारत में हुआ। उनका जन्म कोई जन्मजाती संत परिवार में नहीं हुआ। इनके पिता पेशे से डाक्टर थें, उनका मन बचपन से ही अध्यात्म में लगता था। वे अक्सर जंगलों में चले जाते और पेड़ की ऊंची डाली पर बैठकर हवा का आनंद लेते और अनायास ही गहरे ध्यान में चले जाते। उन्हें सर्प यानी सांप पकड़ने में भी महारत हासिल है। 11 साल की उम्र में उन्होंने योग की शिक्षा ली, आगे जाकर ये एक संत के रूप में उभर के सबके सामने आए। इन्हें वालीवुड का संत भी कहा जाता है। ये काफी डेयरिंग हैं, इन्होंने मोटरसाइकल से काफी लंबी यात्रा भी किया था। ...

जाल संरक्षण का महत्व क्या है? इसे पड़ने के बाद कभी भी पानी नहीं बर्बाद करेंगे।

चित्र
जल संरक्षण का महत्व क्या है - जल एक ऐसा तत्व है, जिससे जीवन सीधा जुड़ाव है। यानी  "जल नहीं तो जीवन नहीं," बिना जल के जीवन असंभव सा है। पानी की एक बूंद सागर के उस कंचन मोटी के समान है, जिसको बनाने में अनेकों-अनेक साल लग जते हैं। पनी, मां प्रकृति हमें free में देती हैं, परंतु हम इसका मोल नहीं समझत पाते, और पनी बर्बाद करते हैं। Generally, पानी को खर्च करना कोई ग़लत बात नहीं है, प्रकृति मां ने हमें जरूरत से कही जादा पानी दे रखा है, परंतु जब हम जरूरत से अधिक, यानी, अनावश्यक पानी को खर्च करते हैं, तो यह एक दुश्मन बन जाता है, तथा जिसका फल आज भारत के अनेकों अनेक राज्यों में देखने को मिल रही है। कुछ राज्यों में तो पीने को भी पनी नसीब नहीं हो रहा है, ऐसे में हम पनी को बिना मतलब बहते रहते हैं। जहां पर एक मग से काम चल जाता है, वहां पर हम अपनी पनी की टोटी यानी taap को खुला छोड़ कर, ना जाने कितना पनी ऐसे ही बर्बाद कर देते हैं।   जल संरक्षण का अर्थ पनी के संरक्षण का अर्थ है, जरूरत के अनुसार ही पनी खर्च करना। जब हम जरूरत से अधिक पनी खर्च करते है, तो यह पनी का दुरप्रयोग हो...

दिमाग को तेज करने के का उचित और सबसे सरल उपाय | how to improve memory and concentration very fast

चित्र
दिमाग को तेज करने का आसान तरीका - मानव मष्तिष्क एक ऐसा शारीरिक अंग हैं, जिसके बारे में आजतक कोई पूर्ण रूप से नहीं जान सका। मानव मष्तिष्क अनंत हैं, परंतु  कोई भी व्यक्ति अपने मष्तिष्क का पूर्ण रूप से इस्तेमाल नहीं कर पता। एक resurch के दौरान यह पाया गया कि जो व्यक्ति केवल अपने दिमाग का 10 % इस्तेमाल उसे कर लेता हैं, वो डॉक्टर या scientist बन जाता हैं। पर यह एक myth है, वास्तव में हमारे दिमाग की कोई सीमा नहीं होती। हम जितना अपने दिमाग का इस्तेमाल करेंगे, उतना ही हमारी मानसिक वृद्धि उतनी ही होगी। परन्तु कुछ बच्चे, विद्यार्थी तथा अन्य लोग अपने दिमाग का बहुत ही न्यूनतम इस्तेमाल कर पाते है। उनमेँ जल्दी dicision लेने की क्षमता दिन-प्रति दिन काम होती जाती हैं, वे अपनी याद की हुई speech को बार-बार भूल जाते हैं, तथा अपने याद किये हुआ lesson को भी बार-बार भूल जाते हैं। दिमाग तेज़ कैसे करें- दोस्तों आज में आपको एक ऐसा दिमाग तेज़ करने की trick यानी तरीका बताने जा रहा हूँ, जिसका इस्तेमाल करना बहुत ही जरुरी हैं, यह दिमाग की सोचने और समझने की सक्ति को बहुत ही तेजी बढ़ा देता है ...

प्यार क्या है? किसे कहते है आज जान ही लें | What is love?

चित्र
सच्चा प्यार क्या है ? What is real love? प्यार- Love का मतलब है मौज मस्ती और मजा, अगर आप ऐसा समझते है, तो आप गलत है! प्यार बहुत ही यूनिक है और इसमें कोई मिलावट नहीं होता! प्यार का मतलब हैं Satisfaction and care प्यार का मतलब होता है बिना किसी स्वार्थ के सबका ख्याल रखना, और दुसरो की खुसी के लिए कुछ भी कर जाना, यह प्यार का सही मतलब है! प्यार बहुत ही यूनिक है, और सबसे अच्छा "है क्योंकि प्रेम नहीं तो कुछ भी नहीं"  पुरीदुनिया प्यार पर ही चलती है, प्यार के कई रूप होते है, चाहे वह प्यार माँ-बाप का हो भाई-बहन का हो दोस्ती का हो या girlfriend boyfriend यानि प्रेमी-प्रेमिका का हो! प्रेम चाहे कोई भी हो वह बहुत ही पवित्र है; पर जब हम प्यार के पीछे अपना स्वार्थ ढूंढने लगते है, तो यह प्यार नहीं अपितू धोखा यानि पाप बन जाता है! आज के युग मै प्यार स्वार्थ पर टिका है,अपने माँ-बाप को लोग बेवकूफ बनाते है, यहाँ तक लोग भगवान के पास भी अपने स्वार्थ के लिए ही जाते है! अगर हम बात करें प्रेमी-प्रेमिका यानि Girlfriend-Boyfriend के प्यार की, तो जैसा मैंने  पहले ही बताया है, प्य...